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Wednesday, May 19, 2010

राजस्थानी भौम

गीत                  राजस्थानी भौम
कोयल पाले प्रीत,सुणावे गीत,मुरधरा मान री,
रजस्थानी भौम,भौम भगवान री .
रणबांकुरा वीर अठॆ रा,मरणो मंगल मानता,
सिर देणो पण पीठ नीं देणी,ब्रत सदां सूं जाणता,
राणाजी री आन आ धरती,भामासा रे दान री,
कण-कण सोन्नो निपजावे,किरसाण री,
आ राजस्थान री.
मुलकणिया धोरां रे मांही,मीरां मीत बुला लिन्हो
दादू अर रैदास सरीखा,प्रेम पंथ अपणा लिन्हो,
चूण्डावत सरदार री राणी हाडी रॆ सिर-दान री,
पन्नाधा रॆ अणकूत्यॆ बलिदान री
आ राजस्थान री.
घर आयोडो मिनख देवता,रीत अठे रा जाणे है,
प्रेम पीड में छिपियोडो भगवान सदा पिछाणॆ है
पण बॆरी रो काळ बणॆ है,हम्मीर राणॆ हठ ग्यान री,
आंच नीं लागे आण जौहर सन्मान री,
आ राजस्थान री.
अर्जुन सेठी,विजय पथिक,जोशी,माणक सा लाल अठे
सागर गोपा रे साम्ही,बैरी री चाले चाल कठॆ
अमर सिंघणी काळी बाई,डूंगरपुर री जान री,
कण-कण कथा सुणावॆ उण बलिदान री
आ राजस्थान री.
मुरधर री माटी रो राजा,ऊंट घणो मन भावे है,
खेज़्डल्यां सांगरियां बांटे,बाजरियो लैरावे है,
राबडी मिसरी सी लागे,खीचड कूट्यॆ धान री,
मीठे जळ री लोट,पूनडी छान री
आ राजस्थान री.

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